खुद को पॉजिटिव कैसे रखें | Positive kaise rahe और positive  कैसे सोचें ? टिप्स।
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खुद को पॉजिटिव कैसे रखें | Positive kaise rahe और positive कैसे सोचें ? टिप्स।

यह कहा जाता है, की लक्ष्य की प्राप्ति करनी हो, तो उसके पीछे एक सकारात्मक सोच (positive thinking) का होना बहुत जरुरी है, क्योंकि सकारात्मक सोच का असर ना सिर्फ आपके mental और emotional health पर ही पड़ता है, बल्कि आपके जीवन के हर एक पहलू पर इसका गहरा असर होता है। इसीलिए आज की इस पोस्ट में हम आपको सकरात्मक सोच से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण टिप्स देने जा रहे हैं, ताकि आप जान सकें की खुद को पॉजिटिव कैसे रखें, positive kaise rahe और पॉजिटिव कैसे सोचें। 

यदि आप बताए गए इन टिप्स को अपने जीवन में अपनाते हैं, और सकरात्मक सोच के साथ अपना जीवन जीते हैं, तो यकीन मानिये हालात भले ही कैसे भी हों, आप हर मुश्किल वक्त से बेहतर होकर ही निकलेंगे, क्योंकि कहा जाता है, की आपके विचार ही आपका जीवन चलाते हैं। 

अपने जीवन में सकरात्मक सोच रखना और आशावादी होना हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए बहुत फायदेमंद साबित  होता है, लेकिन जीवन में कहीं ना कहीं ऐसी अनेकों परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं, या आ जाती हैं, जहाँ पर चाहते हुवे भी अपनी Positive thinking को बनाए रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है, लेकिन यही वह समय होता है, जब आपको Positivity की सबसे ज्यादा जरुरत होती है, और इसका लाभ भी मिलता है। 

तो यह जानने से पहले की जीवन में सकरात्मक विचार कैसे लाएं, positive kaise rahe और पॉजिटिव कैसे सोचें, चलिए पहले जान लेते हैं, की Positive lifestyle होता क्या है। 

Positive lifestyle क्या है।

आम तोर पर दो तरह के लोग होते हैं, पहले वे जिन्हे हर समय चीजों, और परिस्थितियों से शिकायतें रहती हैं, वे हर कार्य में कमिया ढूढंते हैं, और अपनी नकारात्मक सोच के कारण दूसरों के बीच भी नकारात्मकता फैलाते हैं। ऐसे लोग कमियों और समस्याओं में अधिक focus करते हैं, ना की उनके समाधान में। 

दूसरे वे लोग होते हैं, जिनका हर कार्य के प्रति सकरात्मक रवैया रहता है, ऐसे लोग कमियों में अधिक ध्यान ना देकर उनके समाधान और बेहतरी की तरफ ध्यान देते हैं। सकारात्मक सोच के लोग खुद को और अपने जीवन को बेहतर करने की दिशा में हमेशा काम करते रहते हैं, थता ऐसे लोग असफलता से सीख लेते हैं, और आगे बेहतर करने की अपनी कोशिश जारी रखते हैं।

सकारात्मक सोच रखने वाले लोग दूसरों के भीतर भी ऊर्जा भरने के काम करते हैं। तो जब आप अपने जीवन में सकारत्मक सोच रखते हैं, और कार्यों को positively लेते हैं, और कार्य में अपना शत-प्रतिशत देकर उसे अच्छा करने और उसमे अच्छा होने की बात करते हैं, जहाँ दूर-दूर तक आपके विचारों में नकारात्मकता नहीं होती है, वही एक positive lifestyle है। 

jivan me positive kaise rahe | How to be positive in life

खुद को पॉजिटिव रखने के टिप्स। 

हर दिन की शुरुवात ख़ुशी से करें :- एक अच्छे दिन की शुरुवात अच्छी सुबह से होती है, यदि आप अपना पूरा दिन अच्छा बिताना चाहते हैं, पॉजिटिव रहना चाहते हैं, तो ख़ुशी के साथ अपनी सुबह की शुरुवात करें। सुबह उठने पर सबसे पहले खुद से बात करें, की आज आप क्या अच्छा करेंगे, अपने सफलतम पलों को याद करें, अपनी शक्ति को पहचानने की कोशिश करें और साथ ही सुबह मिलने वाले हर इंसान से खुश होकर बात करें और इसे अपनी आदत बना लें, फिर आप देखेंगे सिर्फ इतना करने मात्र से आपके भीतर काफी सकारात्मक बदलाव आने लगेंगे। 

योग थता ध्यान करें :- योग थता ध्यान से मन-मस्तिक्ष में एकाग्रता आती है, जिससे आप पुरे दिन प्रसन्न रहते हैं, और यह कोई आज की बात नहीं है, बल्कि भारत में योग और ध्यान की परंपरा सदियों से चली आ रही है। ध्यान करने से आप तनाव मुक्त रहते हैं, और आपके भीतर स्थिरता आती है।  

छोटी चीजों में खुशियाँ ढूंढें :- जीवन में सकरात्मकता लाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होती है, खुशी, और खुश रहने के लिए जरुरी है, की आप अपनी या अपने मित्रों की हर छोटी से छोटी कामयाबियों की सराहना करें, उन्हें सेलिब्रेट करें, यानि जब आप हर छोटी चीज में खुशी ढूढ़ना सीख जाते हैं, तो स्वतः ही आपके भीतर positivity उत्पन्न होने लगती है, जिसका असर ना सिर्फ आपके भीतर होता है, बल्कि आपके संपर्क में आना वाला हर व्यक्ति उस positivity को महसूस करने लगता है। 

लोगों की मदद करें :- यदि आप निस्वार्थ भाव से मजबूर लोगों की मदद करते हैं, तो आप पाएंगे की ऐसा करने पर आपके दिल को काफी सुकून मिलेगा, और आप काफी पॉजिटिव महसूस करेंगे। आपके आस-पड़ोस हर जगह ऐसा कई लोग मिल जाएंगे जिनके लिए एक वक्त का खाना जुटाना भी किसी लड़ाई से कम नहीं होता है, तो यदि आप ऐसे लोगों की मदत करते हैं, तो निश्चित ही आपके एक कदम से उनकी काफी मदद हो जाएगी और आप भी पॉजिटिव महसूस करेंगे। 

समस्या की स्थिति में भी समाधान के बारे में सोचें :- समस्याएं थता मुश्किलें हमारे जीवन का अभिन्न अंग है, आप चाहे कितना भी अच्छा कर लें या खुद को इन समस्याओं से बचाने की कितनी भी कोशिश करें, लेकिन जीवन में कहीं ना कहीं आपके सामने ये मुश्किलें आ खड़ी होंगी। तो ऐसी स्थिति में एक नकारात्मक इंसान जो यह सोचने लगता है, की (यह सिर्फ मेरे साथ ही क्यों होता है, या मुश्किलें मेरे सामने ही क्यों उत्पन्न होती हैं) तो आप को कभी भी ऐसा नहीं सोचना है, और ना आपके सिर्फ सोचने मात्र से उत्पन्न हुई यह समस्याएं समाप्त होने वाली हैं।

बल्कि ऐसी किसी भी स्थिति में आपको पॉजिटिव रहना है, और समस्याओं को challenge की तरह लेना है, थता समस्या की तरफ कम  ध्यान देकर उनके समाधान के बारे में अधिक सोचना है। क्योंकि सकारत्मक सोच बड़ी से बड़ी मुश्किल स्थिति में भी छोटी से छोटी संभावनाओं को ढूढ़ने लगती है। positive सोच वाला व्यक्ति मुश्किल घड़ियों में भी अच्छाई ढूढ़ता है, वह इन मुश्किलों से सीखने की कोशिश करता है, और हर वह कदम उठाने से नहीं कतराता है, जिससे मुश्किलों से निकला जा सके। 

सकरात्मक सोच वाले लोगों का साथ रखें :- कहा जाता है, की आप जिन लोगों के बीच अधिक समय गुजारते हैं, आपके व्यक्तित्व और आपकी सोच पर उनका काफी गहरा प्रभाव पड़ता है, यानि अगर आप एक नकारात्मक सोच के व्यक्ति को अपना मित्र बनाते हैं, या ऐसे लोगों के साथ अपने दिन का अधिक्तम समय व्यतीत करते हैं, तो कहीं ना कहीं आपकी सोच में भी नकारात्मकता आने लगेगी।

तो जीवन में positivity लाने के लिए सबसे पहला कदम है, की आप पॉजिटिव सोच वाले लोगों के बीच रहें, उन्ही का साथ करें थता मित्रता भी उन्ही लोगों से करें जिनमे कठिनाइयों से लड़ने की इच्छाशक्ति हो। यदि आप ऐसा करते हैं, और सिर्फ बिना कुछ करे सकारात्मक लोगों के बीच रहना शुरू कर देते हैं, तो आप अपने भीतर काफी पॉजिटिव बदलाव महसूस करने लगेंगे। 

समस्याओं को खुद से बड़ा ना बनाएं :- अक्सर देखा जाता है, की समस्या भले ही कैसी भी हो कई लोग समस्याओं से खुद को इतना प्रभावित कर लेते हैं, की बस उसे सोच-सोच कर काफी बड़ा बना लेते हैं, यह ठीक तिल का पहाड़ बनाने जैसा है। तो हमेशा एक बात याद रखें की जितना आप समस्या के बारे में सोचेंगे उतना वो आपकी सोच पर हावी होती चली जाएगी क्योंकि समस्या के बारे में सोचकर वह कभी ख़तम नहीं होती है, बल्कि उसके लिए हमें सही कदम उठाने होते हैं। यह अक्सर तब होता है, जब आप काफी stress में आ जाते हैं, और जल्दी समस्या से बाहर निकलना चाहते हैं। 

तो ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर सबसे पहले आप खुद को शांत करें, फिर अपने दिमाग में घूम रहे नकारात्मक विचारों को समाप्त करें। अब जब आप शांत हो जाएंगे तो स्थति को सही से पहचान सकेंगे, और समाधान की ओर बढ़ने वाले हर छोटे कदम का ख्याल आपके मन में उत्पन्न होने लगेगा, आप इस बारे में अपने करीबी से भी राय ले सकते हैं, फिर भले ही उस समस्या से निकलने में कितना भी समय लगता हो, आप सकारात्मक रहेंगे और कोई भी गलत कदम नहीं उठाएंगे।  

अच्छा देखें, अच्छा सुने और अच्छा पढ़ें :- आज इंटरनेट का दौर चल रहा है, जहाँ पर हर तरह का कंटेंट आपके सामने उपलब्ध है। ऐसे में खुद पर नियंत्रण रखने और खुद के भीतर पॉजिटिव सोच बनाए रखने के लिए जरुरी है, की आप अच्छा पढ़ें, अच्छा सुने और अच्छा देखें जिससे आपके भीतर positivity आए थता हर उस कंटेंट से दूर रहना है, जिसमें नकारात्मकता उत्पन्न होती हो, चाहे वह वीडियो या टेक्स्ट हो या फिर कोई ऑडियो कंटेंट क्यों ना हो। अच्छे कंटेंट के रूप में आप क्रांतिकारियों की जीवनियाँ पढ़ सकते हैं, अपना सामान्य ज्ञान बढ़ा सकते हैं, थता वेब पर दूसरे कई कंटेंट हैं, जिन्हे पढ़ या देख कर आप पॉजिटिव महसूस करेंगे।  

निष्कर्ष (positive kaise rahe)

दोस्तों इस पोस्ट में आपने जाना की खुद को पॉजिटिव कैसे रखा जा सकता है, positive kaise rahe, और अपने भीतर सकरात्मक (positive) सोच विकसित करने के लिए आप कौन-कौन से कदम उठा सकते हैं। इस पोस्ट से यही निष्कर्ष निकलता है, की आपके भीतर सकारात्मक सोच कहीं बाहर से लाई नहीं जा सकती है, बल्कि इसके लिए आपको खुद को तैयार होना पड़ता है, और अपनी आदतों और सोच के रूप में अपने भीतर कुछ छोटे बदलाव करने पड़ते हैं, जिससे आप जीवन में positivity महसूस करते हैं। 

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