love day kab manaya jata hai | लव डे क्यों मनाते हैं | Lover’s day कब होता है
Love day in hindi

love day kab manaya jata hai | लव डे क्यों मनाते हैं | Lover’s day कब होता है

हेलो दोस्तों क्या आप लव डे के बारे में जानना चाहते हैं, love day kab manaya jata hai और क्यों मनाया जाता है। तो चलिए आपको प्यार के इस दिन Lovers day के बारे में बताते हैं। 

प्यार (Love) एक ऐसा शब्द है, जिसके एहसास मात्र से ही हमें खुशी की अनभूति होती है, और इसका हमारे जीवन में गहरा प्रभाव भी पड़ता है। यदि प्यार ना हो तो जीवन की कल्पना करना भी निरर्थक सा लगता है।

वैसे तो प्यार कोई समय या मुहूर्त देखकर नहीं किया जाता है, लेकिन फिर भी यदि आप अपने प्यार का इजहार एक खास दिन करते हैं, जो दिन सिर्फ प्रेमी-प्रेमिकाओं (lovers) के लिए बना हो, तो उसकी बात ही कुछ और होती है।

उस खास दिन को वैलेंटाइन् डे, love day या lovers day के नाम से पुकारा जाता है। तो चलिए जानते हैं Valentines day यानि लव डे कब मनाया जाता है, और क्यों मनाया जाता है।  

love day kab manaya jata hai | लव डे क्यों मनाया जाता है।

फरवरी का महीना प्यार का महीना कहलाता है, जब हर साल 14 फरवरी को वैलेंटाइन्स डे यानि Love day मनाया जाता है।

Valentines day का इंतजार दुनियाभर के प्रेमी जोड़ो को रहता है, क्योंकि वैलेंटाइन्स डे पुरे साल का वह खास दिन होता है, जब प्रेमी जोड़े एक दूसरे से अपने प्यार का इजहार करते हैं, वे एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिताते हैं, और प्यार भरे तोहफे, कार्ड् या गुलाब का फूल देकर एक दूसरे के प्रति अपनी feelings को शेयर करते हैं। 

ऐसा माना जाता है, की यदि आप किसी से प्यार करते हैं, और उन्हें अपने दिल का हाल नहीं बता पा रहे हैं, तो Valentines day ही वह सही समय होता है, जब आपको अपने प्यार को propose कर लेना चाहिये।  

हालाँकि वैलेंटाइन डे मनाने का यह चलन अंग्रेजी बोले जाने वाले देशों से शुरू हुवा था, और यह वहाँ के प्रमुख त्यौहारों में से एक है, लेकिन आज इसे दुनियाभर में मनाया जाने लगा है। प्रेमी युगल-युवतियों को वैलेंटाइन्स डे का बेसब्री से इंतजार रहता है, और वे इस दिन के लिए खास तैयारी भी करके रखते हैं। 

अब आप यह तो जान ही गए होंगे की लव डे कब मनाया जाता है, तो चलिए अब जानते है, की आख़िर इसे क्यों मनाया जाता है। 

love day kyu manate hai

वैलेंटाइन डे के पीछे की कहानी को समझना भी उतना ही महत्पूर्ण है, जितना की वैलेंटाइन डे सेलिब्रेट करना।

ऐसा कहा जाता है, की तीसरी शताब्दी के दौरान Rome में वैलेंटाइन नाम का एक पादरी रहता था। उसी समय रोम में सम्राट Claudius 2 का शासन था, जो अपने साम्राज्य को बढ़ाना चाहता था। इसके लिए सम्राट को उन तेज तर्रार सैनिकों की आवश्यकता थी, जो उसके लिए हमेशा मरने मिटने के लिए तैयार हों।

सम्राट का मानना था की शादी सुदा व्यक्ति एक अच्छा सिपाही नहीं बन सकता है, क्योंकि एक शादी सुदा व्यक्ति का अपने परिवार की तरफ अधिक झुकाव रहता है, और हमेशा उसे अपने परिवार की चिंता रहती है। वो मानता था की शादी किये हुवे सैनिक की शारीरिक और मानशिक शक्ति थता उसकी क्षमता दोनों ही कम हो जाती हैं।  

इस लिए सम्राट ने एक फरमान सुनाया जिसके अनुसार जवान लड़कों की शादियों पर प्रतिबंध लगवा दिया गया, और आदेश का उल्लंघन करने पर मोत की सजा दी जाने की बात कही गई। शासक के इस फरमान से वहाँ की प्रजा सहमत नहीं थी, लेकिन उसके आगे कोई कुछ बोल नहीं पाता था। 

वैलेंटाइन नाम का वह पादरी भी शासक के इस फैसले के खिलाफ था, अतः वह सम्राट के आदेश के विपरीत जाकर छुप-छुप कर उन दुखी सैनिकों थता युवाओं की शादियाँ करवाने लगा। जिस किसी प्रेमी जोड़े को शादी करनी होती थी, वे संत वैलेंटाइन से मदद लेते और उनकी शादी कर दी जाती थी। 

यह बात सम्राट से अधिक दिनों तक नहीं छुप सकी और उसने संत वैलेंटाइन को पकड़वा कर जेल की सलाखों के पीछे डलवा दिया। जिसके बाद 14 फरवरी के दिन उन्हें मोत की सजा दे दी गई और तब से 14 फरवरी के दिन को Love day के रूप में मनाया जाने लगा। 

अंतिम शब्द

कहा जाता है, की कैद में रहने के दौरान संत वैलेंटाइन के शुभचिंतक उनसे मिलने आते थे, और उन्हें भेंट स्वरुप फूलों का गुलदस्ता थता कार्ड इत्यादि देते थे, जिसकी प्रथा आज भी चली आ रही है।

दोस्तों हमें उम्मीद है, अब आपको जानकारी हो गई होगी की लव डे क्यों मनाते हैं | और इसे क्यों मनाया जाता है। 

सच्चा प्यार क्या होता है। 

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