पर्सनल डेवलपमेंट क्या है | Personal development kaise kare
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पर्सनल डेवलपमेंट क्या है | Personal development kaise kare

Personal development kaise kare

क्या खुद को दूसरों के आगे बेहतर प्रस्तुत करना या दिखाना ही एक अच्छे व्यक्तित्व के होने की पेहचान है, या यह सिर्फ एक बाहरी कवच है, जिसे आज के दौर में हमें सफलता प्राप्त करने लिए ओढ़ना पड़ता है। क्या सिर्फ पर्सनालिटी डेवेलोप कर लेना ही हमारे लिए काफी है, या हमें personal development/Personal growth की ओर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। पर्सनालिटी डेवलपमेंट और पर्सनल डेवलपमेंट दोनों लगभग एक ही समान नजर आते हैं, लेकिन असल में इन दोनों के बीच काफी फर्क है, जिसे इस पोस्ट के माध्यम से हम समझने की कोशिश करेंगे। तो चलिए जानते हैं, personal development/personal growth क्या है, personal development kaise kare थता पर्सनल और पर्सनालिटी डेवलपमेंट की बीच क्या फर्क है। 

पर्सनल डेवलपमेंट क्या है | What is personal development in hindi

पर्सनल डेवलपमेंट खुद को पहचानने, एक बेहतर इंसान बनने और अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक लंबी चलने वाली प्रक्रिया है। यह आपको आपके लक्ष, कौशल, क्षमता थता व्यक्तित्व से अवगत कराता है, और आपके भीतर चुनौतियों से सामना करने, अनुभवों से सिखने, ज्ञान अर्जित करने थता आत्म-जाकरूकता बढ़ाने की दिशा में काम करता है।

सीधे शब्दों में कहा जाए तो व्यक्तिगत विकास (personal development) उस हर एक गतिविधि को संदर्भित (refer) करता है, जिसे आप खुद को दिल और दिमाग से एक बेहतर इंसान बनाने के लिए करते हैं, यानि जिस प्रकार विकास एक लंबी चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमे चीजें धीरे-धीरे ठीक होकर बेहतर होती चली जाती हैं, ठीक उसी प्रकार व्यक्तिगत विकास भी है, जिसमे आप समय के साथ सीख लेकर, अपने ज्ञान, अपने व्यवहार, चरित्र, क्षमता, मानसिकता और जीवन स्तर में सुधार करते हुवे, अपने सपनों थता आकांक्षाओं की प्राप्ति की तरफ बढ़ते चले जाते हैं, जहाँ पर ना सिर्फ आपके खुद का विकास होता है, बल्कि समाज को भी आपसे सीख और प्रेणा मिलती है। 

यदि आपके मन में सवाल उठ रहा है, की आख़िर आप अपना (पर्सनल डेवलपमेंट) कैसे कर सकते हैं, या किस प्रकार पर्सनल डेवलपमेंट/पर्सनल ग्रोथ की तरफ अपना पहला कदम बढ़ा सकते हैं, तो जैसे की ऊपर भी बताया गया है, की पर्सनल डेवलपमेंट कोई एक दिन की गतिविधि नहीं है, बल्कि लंबी चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमे आप बार-बार कोशिशों के बाद भी हार ना मानकर आगे बढ़ने का जूनून रखते हैं, और अपने अंदर हर वो नई skill डेवेलोप करने की कोशिश करते हैं, जो धीरे-धीरे ही सही लेकिन आपको आपके जीवन के लक्ष्यों के समीप ले जाए। 

पर्सनल डेवलपमेंट की शुरुवात आप आज से ही बिलकुल साधारण रूप से कर सकते हैं, जैसे की अपना टाइम मैनेजमेंट करके, Reading habits अपनाकर, अच्छा सुनने की आदत डालकर, public speaking skill को develop कर के, यानि अपने भीतर learning की भूक पैदा करके और हर वो बदलाव करके जिस से आप हेल्थ, फाइनेंस, रिलेशनशिप, करियर यानि हर तरह से एक सफल इंसान बन सकें।

पर्सनल डेवलपमेंट या पर्सनल ग्रोथ को बेहतर करने के लिए नीचे बताए गए कुछ महत्वपूर्ण तरीके हैं, जिन्हे आप अपना सकते हैं।  

How to do personal development | Personal development kaise kare

व्यक्तिगत विकास के लिए हमें अपने भीतर कई बदलाव करने पड़ते हैं, साथ ही उन skills को भी डेवलप करना पड़ता है, जो सफलता प्राप्त करने की हमारी संभावनों को बढ़ाए और हमें लक्ष की ओर बढ़ने में सहायता प्रदान करे। तो नीचे बताए गए 11 महत्वपूर्ण skills को यदि आप आज से ही अपने भीतर डेवेलोप करना शुरू कर देते हैं, तो ना सिर्फ आप अपने जीवन स्तर को पहले से बेहतर कर लेंगे बल्कि अपने तैय किए हुए लक्ष को भी प्राप्त कर सकेंगे।  

व्यक्तिगत विकास के लिए 11 महत्वपूर्ण skills 

विकास की मानसिकता रखें 

व्यक्तिगत विकास का सबसे पहले नियम है, की आप खुद को कभी भी एक सीमित दायरे या सोच के अंदर ना बांधे बल्कि हर बार पहले से बेहतर करने की गुंजाईश ढूंढिए। जहाँ एक सिमित सोच वाला व्यक्ति पहले से ही अपनी सीमा निर्धारित कर लेता है, की बस में तो इतना ही कर सकता है, इस से बेहतर करना बहुत मुश्किल काम है, वहीँ एक विकास की मानसिकता रखने वाला व्यक्ति हमेशा पहले से बेहतर करने की सोच रखता है। तो यदि आप व्यक्तिगत विकास चाहते हैं, तो पहले आपको विकास की मानसिकता रखना आवश्यक है।  

खुद को किसी से कम ना आंके

खुद की तुलना दूसरों से करना आज से ही बंद कर दें, क्योंकि यही वह कारण होता है, जब आप दूसरे कीसी सफल व्यक्ति से खुद को कम आंकने लगते हैं। हर व्यक्ति की क्षमता, उसका रेहन सहन थता जीवनशैली अलग होती है, ऐसे में किसी दूसरे के साथ अपनी तुलना करने के बजाय आप अपनी शक्तियों, अपने टैलेंट को पहचाने थता उन्हें और अधिक तरासने की कोशिश करें, अपनी कमियों को दूर करने का संकल्प लें। यदि आप ऐसा करते हैं, तो पाएंगे की धीरे-धीरे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और जीवन में सफलता की नई ऊंचाइयों की तरफ आप बढ़ने लगेंगे। 

अपने आत्मविश्वास को बढ़ाएं 

जीवन में जीत या success हांसिल करने के लिए अपना लक्ष्य तैय करने थता दृढ निश्चय के साथ-साथ आत्मविश्वास का होना भी एक सबसे बड़ा factor साबित होता है। इसलिए अपने आत्मविश्वास को बढ़ाएं , और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए जरुरी है, की आप ऊपर बताए गए स्टेप का पालन करें, यानि खुद को किसी से कम ना आंके, अपने टैलेंट पर पूरा भरोसा रखें, रिस्क लेना सीखें, अपनी गलतियों को दोबारा ना दोहराएं थता उन गलतियों से सीखें यदि आप बस इतना भी कर लेते हैं, तो अपना आत्मविश्वास बड़ा हुवा पाएंगे जो की आपको व्यक्तिगत विकास की ओर ले जाता है। 

दूसरों को ध्यान से सुनने की आदत डालें 

दूसरों को सुनना एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्किल है, जो आपके भीतर होनी चाहिए, सिर्फ अपनी बात कह देना यह तो हर एक व्यक्ति करता है, लेकिन दूसरों को ध्यान से सुनना यह स्किल सभी के पास नहीं होती है। एक good listener होने के कई फायदे हैं, जैसे की ध्यान से सुनने पर आप दी जा रही information को सही से समझ पाते हैं, चीजों में clarity आती है, इनफार्मेशन दे रहा व्यक्ति भी  आप में दिलचस्पी लेने लगता है, और आप बहुत सी नई चीजों के बारे में जान पाते हैं। तो आज से ही दूसरों को सुनने की आदत भी अपने भीतर लाएं ताकि व्यक्तिगत विकास की ओर जाने वाली एक और सीढ़ी आप चढ़ सकें। 

अपने डर का सामना करें 

डर आपकी तरक्की और सफलता के आड़े आने वाली सबसे बड़ी रुकावटों में से एक है। यदि आपका कोई डर है, तो उसे दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है, की उसका सामना किया जाए, क्योंकि डर भी तभी तक रहता है, जब तक आप उस से दूर भागेंगे, तो यदि डर जो आपके पर्सनल डेवलपमेंट के बीच रुकावट बना हुवा है, तो उसका सामना करें। आपका किसी भी प्रकार का डर हो सकता है, जैसे यदि आपको पब्लिक के बीच बोलने में डर लगता है, तो group discussion की क्लास ले सकते हैं, और यदि आप लोगों के बीच shy feel करते हैं, या confidence की कमी महसूस करते हैं, तो confidence boosting से जुड़े seminar और workshop लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा, ऐसा करने पर आप खुद के भीतर काफी सकारात्मक बदलाव पाएंगे। 

नकारात्मक लोगों से दूरी बनाएं 

आप जैसी सोच वाले लोगों के बीच रहेंगे आपकी मानसिकता थता स्वाभाव भी वैसा ही होने लगेगा इसलिए हमेशा नकारत्मक और छोटी सोच वाले लोगों से दूरी बनाएं क्योंकि ऐसे लोग हमेशा समस्या की बात करते हैं, ना की उसके समाधान की यानि नकारात्मक लोगों के साथ समय बिताने पर आपको सिर्फ नकारात्मक सोच के अलावा कुछ भी प्राप्त नहीं होगा। नकारात्मक सोच रखने वाले व्यक्ति आपके कीमती समय को व्यर्थ करने में अहम् भूमिका निभाते हैं, और आपको उनसे डिप्रेशन के अलावा कुछ भी प्राप्त नहीं होता है, तो आज से ही उन लोगों के बीच रहना शुरू कर दें, जो हमेशा आगे बढ़ने और हार ना मानने की सोच रखते हैं, ताकि उनकी कुछ positivity आपके जीवन में भी आ सके और आप भी जीवन में कुछ बेहतर करें। 

खुद को शांत रखने की कोशिश करें  

परिस्थति चाहे जैसी भी हो खुद को शांत रखने की कोशिश करें क्योंकि बुरे समय में भी शांति से काम लेने वाला व्यक्ति ही अपने और दूसरों के लिए सही निर्णय ले सकता है। कैसी भी दबाव की स्तिथि में यदि आप अपनी भावनाओं में काबू रख कर शांत बने रहते हैं, तो इसका सीधा असर आपकी performance पर पड़ता है, इसलिए आम तोर पर successful लोगों के भीतर खुद को शांत बनाए रखने की skill होती है। 

नए लोगों से मिलें 

हमेशा नए लोगों से मिलने और जुड़ने की कोशिश करें, क्योंकि नए लोगों से आपको काफी कुछ नया सिखने को मिलेगा, उनके विचार, उनका अनुभव, और उनकी सोच तो आपको काफी कुछ नया सिखाएगी ही, लेकिन साथ ही आपके लिए नई मोके भी निकल सकेंगे। नए लोगों से जुड़कर अपना नेटवर्क तैयार करें ताकि लगातार विचार-विमर्श हो और दूसरों के विचार जानकर सामान्य जीवन में आपका अनुभव बढ़ सके। 

अपना पक्ष रखना सीखें 

दूसरों की सोच या राय से आपकी राय या सोच कुछ अलग हो सकती है, लेकिन यदि आप सिर्फ दूसरों की हाँ में हाँ मिलाते हैं, तो यह  आपके पर्सनल डेवलपमेंट के लिए ठीक नहीं है, बल्कि जो आपको सही लगता है, या जो आपका पक्ष है, उसे भी भरपूर रूप से दूसरों के समक्ष रखना बहुत जरुरी है, ताकि लोगों को भी आपका पक्ष जानने का मौका मिले और आपके भीतर भी आत्मविश्वाश बना रहे।  

अपने आप से ईमानदार रहें 

खुद के साथ ईमानदारी बरतना पर्सनल डेवलपमेंट के अहम् नियमों में से एक है, जब आप खुद के साथ ईमानदार रहते हैं, तो आपको आपकी कमियां, आपके loopholes नजर आते हैं, जिनपर आप काम कर के उन्हें ठीक कर सकते हैं। दूसरों को सच्चाई बता देना ही सिर्फ ईमानदारी नहीं कहलाती बल्कि अपने आप में सच्चा रहना, अपनी कमियों को accept करना असल सच्चाई कहलाती हैईमानदार रहने से ना सिर्फ आप दूसरों के लिए भरोसे के पात्र बनेंगे या दूसरों के साथ आपका अच्छा रिलेशन बनेगा, बल्कि आपके खुद के भीतर भी positive energy उत्पन्न होगी, जो आपके लिए जीवन में सफलता प्राप्त करने की दिशा में helpful साबित होगा।

कुछ नया सीखने की कोशिश करें  

लर्निंग आपके मस्तिक्ष को हमेशा व्यस्थ और आपके शरीर को एक्टिव रखता है, जिससे बेकार के कामों में आप अपना समय व्यर्थ नहीं  करते हैं। इस लिए जीवन में हमेशा कुछ नया करते रहना चाहिए ताकि आप नई चुनौतियों से सामना कर के अपना अनुभव बड़ा सकें साथ ही अपने भीतर नई skills को भी डेवलप कर सकें, ताकि सफलता प्राप्ति की संभावनाओं को बढ़ाया जा सके। 

Difference between personal development and personality development in hindi

हमारे विचार से Personal development थता पर्सनालिटी डेवलपमेंट दोनों एक दूसरे से थोड़ा अलग हैं, जब हम पर्सनल डेवलपमेंट की बात करते हैं, तो अपने संपूर्ण विकास की बात होती है, जिसमे आप अपने तन, मन, धन यानि शारीरिक, मानसिक, फाइनेंसियल, रिलेशनशिप, इत्यादि जीवन के हर एक पड़ाव में सफल हो सकें, और यह एक लंबी चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमे आप समय और अनुभवों के साथ पहले से बेहतर होते चले जाते हैं। पर्सनल डेवलपमेंट यानि खुद की नजरों में खुद को सुधार करके बेहतर बनाना।

दूसरी ओर personality development यानि खुद को दूसरों के समक्ष बाहरी रूप से बेहतर दिखाना, जिसमे आप अपने बात करने की तरीके, पहनावे, body language या अपने बर्ताव से दूसरों को impress कर सकते हैं। पर्सनालिटी डेवलपमेंट यानि खुद को Improve करना ताकि दूसरों के समक्ष आप अच्छे दिखें। 

निष्कर्ष (personal development kaise kare)

दोस्तों आपने जाना पर्सनल डेवलपमेंट क्या है, personal development kaise kare थता पर्सनल और पर्सनालिटी डेवलपमेंट के बीच क्या फर्क है। पर्सनल डेवलपमेंट का एक व्यापक अर्थ है, जिसमे जीवन के हर एक पड़ाव की बात होती है, तो यह बहुत जरुरी है, की आप अपने पर्सनल डेवलपमेंट की ओर अधिक ध्यान दें, ताकि जीवन में सफलता प्राप्त की जा सके। इस पोस्ट से यही निष्कर्ष निकलता है, की सफलता का अर्थ सिर्फ अच्छा बोलना, दिखना, प्रस्तुत करना या अच्छी नौकरी प्राप्त कर लेना ही नहीं होता है, बल्कि अपना पूर्ण रूप से विकास करना भी उतना ही जरुरी है। 

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