Praman patra kya hota hai | प्रमाण पत्र किसे कहते हैं
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Praman patra kya hota hai | प्रमाण पत्र किसे कहते हैं

Praman patra kya hota hai

चलिए जानते हैं, Praman patra kya hota hai और प्रमाण पत्र का क्या महत्व है। प्रमाण पत्र वह दस्तावेज होता है, जिस पर लिखे गए शब्दों को सही और प्रमाणिक माना जाता है, और इस पत्र को किसी सस्थां, सरकारी विभाग, स्कूल, कॉलेज या युनिवर्सिटी द्वारा जारी किया जाता है। प्रमाण पत्र के कई प्रकार होते हैं, जैसे जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र इत्यादि ऐसे ढेरों प्रकार के प्रमाण पत्र होते हैं, जो उनसे संबधित विभागों से प्राप्त किए जा सकते हैं।

उपरोक्त प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आपको उससे संबंधित विभाग से आवेदन करना होता है, जिसके लिए पहले वहाँ अपना पंजीकरण कराना होता है, और उस विभाग द्वारा मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होते हैं, जिनकी वेरिफिकेशन के बाद यदि सब सही पाया जाता है, तो उस संस्था या विभाग द्वारा आपको प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। 

यदि प्रोफेशनल कार्य क्षेत्र से संबंधित प्रमाण पत्र की बात की जाए तो यह एक व्यक्ति द्वारा सीखे गए किसी खास कार्य, हुनर, शिक्षा या किसी विशेष क्षेत्र में उसके अनुभव की पुष्टि करता है। प्रमाण पत्र वह दस्तावेज होता है, जिसमे उल्लेख किया जाता है, की उपरोक्त व्यक्ति ने यह शिक्षा ग्रहण की हुई है, या उपरोक्त व्यक्ति को इस विशेष कार्य का प्रशिशक्षण प्राप्त है, और यह व्यक्ति इस कार्य को करने के लिए उपयुक्त है। 

प्रमाण पत्र का क्या महत्व है | Importance of Praman patra in Hindi

प्रमाण पत्र एक बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, चाहे वह जन्म प्रमाण पत्र हो, मृत्य प्रमाण पत्र हो या आपके कार्य क्षेत्र से जुड़ा प्रमाण पत्र हो, दरअसल यह आपकी सत्यता साबित करने का विश्वसनीय दस्तावेज है।

इसकी विश्वसनीयता इस लिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि किसी भी प्रमाण पत्र को एक जिम्मेदार अधिकारी या विभाग द्वारा जारी किया जाता है, जहाँ पर प्रमाण पत्र को जारी करने से पूर्व उस व्यक्ति जिसे पत्र जारी किया जा रहा है, उसकी पूरी वेरिफिकेशन की जाती है, उससे जुड़े दस्तावेजों को वेरीफाई किया जाता है, और सब सही पाए जाने के बाद ही कोई अधिकारी या विभाग प्रमाण पत्र जारी करता है। 

उदाहरण के तोर पर आप जन्म प्रमाण पत्र को ही ले लीजिये यह हर शिशु का सबसे पहला क़ानूनी दस्तावेज है, जिसमे शिशु का नाम, उसके माता-पिता का नाम, जन्म की तारीख, जन्म का समय, स्थान, लिंग इत्यादि सभी महत्वपूर्ण जानकरी अंकित रहती है, साथ ही प्रत्येक शिशु की पंजीकरण संख्या भी जन्म प्रमाण पत्र पर अंकित होती है, यानि यह पत्र बतौर शिशु की पेहचान के लिए काम आता है। 

यही नहीं बल्कि आगे जाकर स्कूल में एडमिशन कराते समय भी जन्म प्रमाण पत्र मांगा जाता है, और इसी प्रकार भविष्य में कई क़ानूनी कार्यों में भी जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती है। तो इस से आप समझ सकते हैं, की प्रमाण पत्र एक बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज है। 

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