Stenography kya hota hai | स्टेनोग्राफर  कौन होता है और उसका क्या काम है
Stenography kya hota hai

Stenography kya hota hai | स्टेनोग्राफर कौन होता है और उसका क्या काम है

हैलो दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम आपको Stenography के बारे में बताएंगे, जैसे की Stenography kya hota hai, स्टेनोग्राफर कौन होता है, और उसका क्या काम है, साथ ही यह भी जानेंगे की stenographer कैसे बन सकते हैं।

यदि आप भी stenography करना चाहते हैं, या स्टेनोग्राफर बनना चाहते हैं, तो इस पोस्ट को पूरा पढ़ें आपको काफी महत्वपूर्ण जानकारी पढ़ने को मिलेगी।

कल्पना कीजिये यदि आप लिखने या पढ़ने की एक ऐसी कला सीख गए हैं, जिसमें किसी की आम बातचीत को भी आप तेजी के साथ बिलकुल सही-सही रिकॉर्ड कर सकते हैं, और आपके रिकॉर्ड किए गए शब्दों को पढ़ना या समझना हर किसी के लिए आसान नहीं है, तो कहीं ना कहीं उस लिखी या टाइप की गई information की सुरक्षा भी बढ़ जाती है। तो यही सब काम Stenography में होता है, चलिए विस्तार में जानते हैं, स्टेनोग्राफी क्या होता है। 

Stenography kya hota hai | What is Stenography in Hindi

स्टेनोग्राफी को समझने से पहले आपका यह जान लेने आवश्यक है, की आशुलिपि (Shorthand) क्या होता है। आशुलिपि लिखने की एक विधि है, जिसमे किसी के द्वारा बोले जा रहे शब्दों को सामान्य लेखन की तुलना में अधिक तेजी के साथ बिलकुल छोटा (short) में लिखा जाता है, और लिखने के लिए भी विशेष प्रकार के Symbols, sign और Codes का उपयोग किया जाता है, इसे Symbolic writing method भी कहा जाता है। 

वहीँ आशुलिप में लिखे गए शब्दों (Codes, signs, symbols) को रिकॉर्ड करने की प्रकिया को Stenography कहा जाता है। स्टेनोग्राफी शब्दों को रिकॉर्ड करने का एक तरीका है, इसे आप रिकॉर्ड करने की एक प्रक्रिया भी कह सकते हैं।

जब शॉर्टहैंड में लिखे गए शब्दों को सामान्य रूप से टाइप कर दिया जाता है, पढ़ दिया जाता है, या describe कर दिया जाता है, तो वह प्रक्रिया stenography कहलाती है, यानि आप कह सकते हैं, की शॉर्टहैंड में लिखे गए शब्दों को टाइप करने या पढ़ने की प्रक्रिया को ही स्टेनोग्राफी कहा जाता है। 

Stenographer क्या होता है | What is Stenographer in Hindi

स्टेनोग्राफी प्रक्रिया का प्रयोग करने वाले व्यक्ति को स्टेनोग्राफर कहा जाता है। स्टेनोग्राफर वह प्रोफेशनल व्यक्ति होता है, जो अपनी शॉर्टहैंड राइटिंग या टाइपिंग से किसी भी भाषण को या दो लोगों के बीच की जा रही आम बातचीत को बहुत ही तेजी से Coded रूप में लिख सकते हैं, और फिर उसी तेजी के साथ Coded रूप को फिर से सामान्य भाषा के रूप में reconvert भी कर सकते हैं। इसके लिए वे शॉर्टहैंड थता स्टेनोटाइप मशीन का उपयोग करते हैं।

स्टेनोग्राफर का कार्य ठीक उसी प्रकार है, जैसे आप अपने एंड्राइड फोन पर गूगल Voice टाइपिंग का उपयोग करते हैं, जिसमे आप बोलते हैं, और फोन पर आपके बोले गए शब्द उसी गति से टाइप होते रहते हैं। आज जहाँ टेक्नोलॉजी का युग है, हर कार्य में नई टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है, वहीँ stenographers भी विभिन्न कार्य क्षेत्रों में अपनी अहम् भूमिका निभा रहे हैं, और उनकी काफी मांग भी है।

सामान्य तोर पर स्टेनोग्राफर्स की आवश्यकता उन सभी सरकारी, गैर सरकारी विभागों या स्थानों पर रहती है, जहाँ मौखिक रूप से बोले जा रहे शब्दों को रिकॉर्ड या Document करना हो। एक उदाहरण के तोर पर देखा जाए तो स्टेनोग्राफर्स आज सभी कोर्ट रूम, सरकारी कार्यालयों, राजनीतिज्ञों के पास, समाचार पत्रों इत्यादि में कार्यरत हैं। तो चलिए जानते हैं, स्टेनोग्राफर बनने के लिए किस शैक्षिक योग्यता की आवश्यकता होती है। 

स्टेनोग्राफर बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता

Education qualification:- स्टेनोग्राफर बनने के लिए Candidate का किसी भी  मान्यता प्राप्त बोर्ड या यूनिवर्सिटी से कम से कम 10+2 होना अनिवार्य है, और कई सरकारी व गैरसरकारी Vacancies में graduation भी मांगा जाता है।

Age:- स्टेनोग्राफर बनने के लिए आयु की कोई restriction नहीं होती है, लेकिन फिर भी एक सामान्य गवर्नमेंट नौकरी के लिए 18 से 27 वर्ष और कुछ मामलों में 30 वर्ष तक की आयु के कैंडिडेट्स अप्लाई कर सकते हैं। 

स्टेनोग्राफर कैसे बनें | How to become a Stenographer

यदि आप भी एक स्टेनोग्राफर बनना चाहते हैं, या इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो यह आपका एक अच्छा निर्णय हो सकता है। किसी भी कार्य क्षेत्र में यदि तरक्की करनी हो, तो उसमे आपका interest होना अति आवश्यक है।

उसी प्रकार यदि Stenographer का कार्य आपको दिलचस्प लगता है, और आप भी इसमें अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको निम्नलिखित स्टेप्स का पालन करना चाहिए।

Step 1:- Stenographer kya hota hai 

सबसे पहले Candidate को अपना 10+2 कम से कम 60% अंको से पूरा करना चाहिए। इसके बाद किसी प्रतिष्ठित (Reputed) संस्थान से shorthand सीखना चाहिए जो की कम से कम 6 महीने या 1 साल का हो, और English थता किसी मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय भाषा में अपनी पकड़ बनानी चाहिए।

इसके लिए Candidate ITI भी join कर सकते हैं, और Shorthand थता typing में डिप्लोमा या certificate course कर सकते हैं, जो के लगभग 1 से 2 साल तक का होता  है। 

Step 2 :- Stenographer kya hota hai 

यदि कैंडिडेट ने पहला स्टेप पूरा कर लिया है, तो उन्हें अब जो सबसे महत्वपूर्ण कार्य करना है, वो है “प्रैक्टिस” यानि जो भी आपने शॉर्टहैंड या टाइपिंग सीखी है, उसकी प्रैक्टिस करते रहें। साथ ही किसी private sector में प्रैक्टिकल knowledge प्राप्त करने के लिए job कर सकते हैं, या किसी advocate के under कुछ experience प्राप्त करने की कोशिश करें या freelancing भी की जा सकती है। 

कुछ experience प्राप्त हो जाने के बाद आप गवर्नमेंट या प्राइवेट सेक्टर में स्टेनोग्राफर के पद के लिए निकलने वाली vacancies में Apply कर सकते हैं, जिसमे आपको  written test, skill test थता interview देना होता है। 

लिखित परीक्षा में जनरल नॉलेज, जनरल इंग्लिश, गणित थता रीजनिंग इत्यादि से जुड़े सवाल शामिल होते हैं, वहीँ जब कैंडिडेट जो लिखित परीक्षा में qualify कर लेते हैं, उन्हें Skill टेस्ट के लिए बुलाया जाता है, जिसमे उनकी शॉर्टहैंड ट्रांसक्रिप्शन थता टाइपिंग की skills को टेस्ट किया जाता है।

स्किल टेस्ट को पास करने के लिए कैंडिडेट की English थता Hindi में अच्छी टाइपिंग और  लिखने की स्पीड होनी चाहिए जो के ग्रेड C स्टेनोग्राफर के पद के लिए 100 थता Grade D के लिए 80 शब्द प्रति मिनट तक की होती है। तो इस प्रकार से यदि आप written, skill test और interview इत्यादि पास कर लेते हैं, तो आपको स्टेनोग्राफर पद के लिए नियुक्ति पत्र जारी कर दिया जाता है।  

निवेदन

दोस्तों आपने जाना Stenography kya hota hai स्टेनोग्राफर कौन होता है, थता स्टेनोग्राफर कैसे बन सकते हैं। हमें उम्मीद है, यह जानकारी आपको ज्ञानवर्धक लगी होगी, यदि जानकारी आपको अच्छी लगी है, तो इसे अपने मित्रों के साथ ही शेयर करें धन्यवाद। 

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