तनाव से कैसे बचें | Stress se kaise bache | Stress-free रहने के कुछ आसान उपाय
Stress se bache

तनाव से कैसे बचें | Stress se kaise bache | Stress-free रहने के कुछ आसान उपाय

तनावमुक्त जीवन जीने का तरीका। (Stress se kaise bache)

आज तनाव (Stress) हमारे जीवन का मानों एक अभिन्न अंग सा बन गया है, जहाँ हर कोई धीरे-धीरे इस तनाव के साथ ही जीना सीख जाता है, लेकिन ऑंखें तब खुलती हैं, जब बहुत देर जो जाती है। यदि आप अपनी ऑंखें खुली रखते हैं, और जानना चाहते हैं, की तनाव मुक्त जीवन जीने का क्या तरीका है, या Stress se kaise bache तो इस पोस्ट में दी गई जानकारी को पूरा पढ़ें, जिसमे Stress से बचने के कुछ कारगर उपाय बताए गए हैं। हमें विश्वास है, यदि पोस्ट में बताए गए इन उपायों और सिद्धांतों को आप अपने जीवन में अपनाते हैं, तो यह आपके (Stress) को कम करने में मददगार साबित होंगे।  

स्ट्रेस या तनाव होना एक सामान्य मानवीय प्रतिक्रिया है, जो हर किसी के साथ होती है, लेकिन यह समस्या तब बन जाती है, जब आप लगातार Stress में रहने लगते हैं। आज के इस आधुनिक भाग-दौड़ भरे युग में हर कोई (Stress) यानि तनाव से ग्रसित है, जहाँ घर के बड़ों को घर चलाने, बच्चों को सही परवरिश देने या अपनी रिलेशनशिप से जुड़ी समस्याओं का तनाव है, वहीँ बच्चे अपनी पढाई को लेकर स्ट्रेस में रहते हैं, यानि बच्चा हो या बड़ा हर कोई किसी ना किसी बात को लेकर अपना बहुमूल्य जीवन Stress में बिता रहा है। 

Stress कोई बीमारी नहीं है, लेकिन यह भी सच है, की अधिक्तर मानसिक और शारीरिक रोगों की शुरुवात ही Stress यानि तनाव से होती है। जब आप लगातार स्ट्रेस में रहने लगते हैं, तो यह आपके स्वास्थ के लिए बहुत नुकसानदेह साबित होता है, जिसके बाद depression, Anxiety, हाई ब्लड प्रेसर, Mood swing थता दूसरे कई प्रकार के रोग आपके शरीर में उत्पन्न होने लगते हैं। अब सोचिए लगातार तनाव (Stress) में रहना किसी के लिए कितना घातक हो सकता है। 

इस पोस्ट के माध्यम से हम आप के साथ तनाव मुक्त (Stress-free) जीवन जीने के कुछ टिप्स शेयर कर रहें हैं, जिन्हे अपनाकर आपका स्ट्रेस कम होगा और आपको तनाव से राहत मिलेगी, तो चलिए जानते हैं, तनाव से कैसे बचें। (Stress se kaise bache) 

(Stress) तनाव होना क्या होता है।

जिस प्रकार खुश होना हमारे जीवन का हिस्सा है, जहाँ हम किसी बात को लेकर खुश होते हैं, या हमें ख़ुशी मिलती है, वहीँ हमारे जीवन में कई ऐसी घटनाएं भी घटती हैं, या ऐसी स्थितियाँ उतपन्न हो जाती हैं, जब हमें चिंता होती है, बातें या घटनाएं हमारे दिमाग से नहीं निकल पाती, हमें सदमा लग जाता है, या हम दबाव महसूस करते हैं। यह दबाव शारीरिक, मानसिक या भावनात्मक हो सकता है, तो जब दबाव की स्थिति लगातर बनी रहती है, तो यह (Stress) तनाव को जन्म देता है, जिससे शरीर में रोग उत्पन्न होने के खतरे बढ़ जाते हैं। 

हालाँकि थोड़ा बहुत तनाव होना बहुत आम है, और इसे पॉजिटिव भी माना जाता है, जब किसी खास स्थति को प्राप्त करने, खतरे को टालने में या अपना ध्यान केंद्रित करने में हल्का तनाव ही आपके लिए मददगार साबित होता है, लेकिन स्तिथि तब ख़राब होने लगती है, जब तनाव आपका पीछा नहीं छोड़ता और आप इसके शिकार हो जाते हैं।

तनाव की स्थति उत्पन्न होने पर आपका शरीर कुछ खास प्रकार के हार्मोन छोड़ता है, जो आपके मस्तिक्ष को स्थति के प्रति अधिक सतर्क कर देते हैं, और इसका असर आपके शरीर में मांसपेशियों के खिचाव थता दिल की धड़कन के बढ़ने के रूप में महसूस होने लगता है, यानि एक तरह से आपका शरीर स्थिति से निपटने के लिए खुद को तैयार कर लेता है। लेकिन समस्या तब उत्पन्न होने लगती है, जब आप लगातार stress में रहने लगते हैं, जिसके कारण बिना किसी बात के भी आपका शरीर सतर्क रहने लगता है, जो की शरीर के लिए बहुत ही हानिकारक साबित होता है।  

तनाव से बचने के लिए इन तरीकों को अपनाएं | Towards Stress-free life (Stress se kaise bache)

Stress से बचने के 17 उपाय जो आपको Stress-free life की ओर ले जाएंगे। (Stress se kaise bache)

  • अधिक सोचना, या चिंता करना आज ही बंद करें :- आम तोर पर देखा गया है, की जो लोग स्थिति का हद से अधिक विश्लेषण करते हैं, अधिक सोचते हैं, या चिंता करते हैं, वे अक्सर तनाव में रहते हैं। सोचना या विश्लेषण करना कोई गलत बात नहीं है, लेकिन जिस प्रकार हर किसी चीज की एक सीमा होती है, उसी प्रकार सोचने, विश्लेषण करने या चिंता करने की भी एक सीमा होती है। इसलिए यदि आप भी अधिक सोचते हैं, या अधिक चिंता करते हैं, तो इसमें विराम लगाइये क्योंकि अधिक सोचने या चिंता करने से किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता है। 

  • खुद को व्यस्रत रखें :- खाली दिमाग को शैतान का घर कहा जाता है, यानि वह व्यक्ति जिसके पास करने को कोई काम नहीं रहता, वह अपना खाली समय बेकार की बातों को सोचने में व्यर्थ करता है, और यही स्ट्रेस का सबसे बड़ा कारण बनता है। तो खुद को छोटे-बड़े कार्यों में व्यस्त रखने की कोशिश करें, यदि कुछ करने को नहीं है, तो सामाजिक कार्यों को करने में अपना समय बिताएं ताकि आप बेकार की बातों को सोचने में अपना कीमती समय और स्वास्थ व्यर्थ ना करें। 

  • पर्याप्त नींद लें :- स्ट्रेस-फ्री रहने के लिए अच्छी नींद लेना आवश्यक माना जाता है। यदि देर तक जागने की आपकी आदत बन गई है, और आप पर्याप्त नींद नहीं ले रहे हैं, तो यह ना सिर्फ आपके मूड पर असर डालता है, बल्कि आप शारीरिक और मानसिक रूप से थके हुवे महसूस करने लगते हैं, जिससे धीरे-धीरे आपका स्वास्थ ख़राब होता चला जाता है। इसलिए यदि आप स्ट्रेस से दूर रहना चाहते हैं, तो अच्छी नींद लेना और समय पर सोना शुरू कर दें। 

  • सुबह जल्दी उठें :- रात को देर तक जागना और सुबह देरी से उठना ना सिर्फ आपके शारीरिक स्वास्थ के लिए ही हानिकारक है, बल्कि इसे मानसिक समस्याओं जैसे Stress और depression का भी सबसे बड़ा कारण माना जाता है। देरी से उठने के कारण आप पुरा दिन जल्दबाजी में बिताते हैं, आपके सभी कार्य पीछे छूटने का प्रेशर आपके दिमाग में होता है, दूसरे लोग जिनके साथ आप जुड़े हैं, वे समय पर उठकर अपने कई कार्य पुरे कर लेते हैं। ऐसा माना जाता है, की सुबह जल्दी उठने से स्ट्रेस और डिप्रेशन जैसे समस्याएं काफी हद तक कम हो जाती हैं। तो हमेशा प्रातः जल्दी उठकर अपने दिन की शुरुवात करें, आपका पूरा दिन अच्छा बीतेगा। 

  • पोषणयुक्त भोजन लें :- अपने खान-पान में ध्यान नहीं देना भी सेहत के लिए बहुत नुकसानदेह साबित होता है, जो आखिरकार स्ट्रेस को जन्म देता है। आज की लाइफस्टाइल में अक्सर लोग बाहर बना भोजन खाना पसंद करते हैं, और कई लोगों के खाने का भी कोई तैय समय नहीं होता है, जिसे खाना खाने की एक गलत आदत माना जाता है। घर में बने भोजन का ही सेवन करें, बाहर के तले-भुने भोजन या फ़ास्ट फ़ूड से दूरी बनाएं, थता भोजन हमेशा समय पर करने की कोशिश करें।    

  • समय का प्रबंधन करें :- सही समय पर कार्यों का पूरा ना हो पाना भी स्ट्रेस या तनाव का कारण बनता है, तो इसके लिए जरुरी है, की आप अपने समय का सही प्रबंधन करें। अपनी हर गतिविधि या कार्य का एक निश्चित समय तैय करें, जिसमे उन कार्यों को पहले करें जो आपके लिए ज्यादा जरुरी हैं, कार्यों को बाद के लिए ना टालें। ऐसा करने से आपके सभी कार्य समय पर पुरे हो जाएंगे और कभी भी आपको जल्दबाजी या तनाव की स्तिथि से नहीं गुजरना पड़ेगा। 

  • व्यायाम करें :- व्यायाम करना ना सिर्फ आपको शारीरिक रूप से ही स्वस्थ और तंदुरुस्त बनाता है, बल्कि व्यायाम से आपकी मानसिक स्थिरता बढ़ती है, और आप उत्साहित और confident महसूस करते हैं। व्यायाम को तनाव मुक्त रहने का सबसे अच्छा उपाय माना जाता है, प्रतिदिन व्यायाम करने से आपका शरीर endorphins नाम का हार्मोन रिलीज़ करता है, जिससे आपको ख़ुशी का अहसास होता है, और आप उत्साहित रहने लगते हैं, तो stress-free रहने के लिए जरुरी है, की प्रतिदिन व्यायाम किया जाए। 

  • सकारत्मक सोच रखें :- यह सच ही कहा जाता है, की जैसा आप सोचते हैं, वैसा ही आपके साथ होता है। तो यदि आप जीवन में कुछ प्राप्त करना चाहते हैं, तो हमेशा पॉजिटिव सोचने की अपनी एक आदत बना लें। नकारात्मक सोच रखने वाला व्यक्ति हर स्थान पर कमियां ढूंढ़ता हैं, और बहाने बनाता है, और यही कारण होता है, की अंत में उसे Stress के सिवा कुछ भी प्राप्त नहीं हो पाता। इसलिए हमेशा Positive और Confident रहें, और दूसरों के साथ जब कभी भी interact करें तो सकारात्मक सोच के साथ करें। 

  • दोस्तों और परिवारजनों के साथ समय बिताएं :- इंसान एक सामाजिक प्राणी है, जिसका समाज और अपने लोगों के बीच रहना, समय बिताना जरुरी है। ठीक बात है, की कई बार हमें अकेलेपन की भी आवश्यकता होती है, लेकिन लंबे समय तक अकेला रहना और दोस्तों, परिवारजनों से ना मिलना भी स्ट्रेस, तनाव का कारण बन जाता है। तो हमेशा दिन का कुछ समय अपने दोस्तों, परिवारजनों के साथ गुजारने की कोशिश करें, यही वो पल होते हैं, जब आप कुछ और नहीं सोचते बस अच्छा समय बिताते हैं। 

  • खुद को किसी से कम ना आंके :- हर इंसान की अपनी अलग क्षमताएं होती हैं, कोई यदि अच्छा गा लेता है, तो दूसरा अच्छा दौड़ लेता है, लेकिन समस्या वहां उत्पन्न होने लगती है, जब आप किसी एक इंसान की तुलना या उसकी क्षमताओं की तुलना किसी दूसरे के साथ करने लगते हैं, और यही तुलना कई बार हमें गुस्से थता Stress की और ले जाती है। हमें खुद की तुलना किसी दूसरे व्यक्ति के साथ कभी भी नहीं करनी चाहिए, ऐसा करने से या तो आप खुद को बहुत superior समझने लगेंगे या दूसरे से कम आंकने लगेंगे और यह दोनों ही स्तिथियाँ आपके लिए ठीक नहीं हैं। खुद पर भरोसा रखना बहुत जरुरी है, हमें अपनी क्षमताओं पर ध्यान देना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए की उन्हें कैसे बेहतर किया जाए।  

  • खुद के लिए समय निकालें :- जितना आवश्यक कार्य में खुद को व्यस्त रखना है, उतना ही खुद के लिए समय निकालना भी है, कहा जाता है, की अधिकता किसी भी चीज की अच्छी नहीं होती है। आपको अपने व्यस्त समय से खुद के लिए थोड़ा समय निकालना चाहिए, ऐसा करने से आपके शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिलेगा। उस खाली समय में आप वह काम कर सकते हैं, जिसमे आपको सबसे अधिक मजा आता हो, आप अपना पसंदीदा game खेल सकते हैं, अपने pet के साथ समय बिता सकते हैं, कही घूमने जा सकते हैं, यानि ऐसे ढेरों activities हैं, जिन्हे करने के बाद आप energetic महसूस करने लगेंगे। 

  • जरुरत मंद लोगों की मदद करें :- अपने मानसिक तनाव को दूर करने का एक सबसे अच्छा तरीका जरुरतमंदो की मदद करना है। हमारे आस-पड़ोस में या दिनचर्या के दौरान हमें ऐसे कई लोग दिखते हैं, जिनका जीवन दूसरों की दया पर निर्भर करता है। यदि आप ऐसे लोगों की मदद करते हैं, तो ऐसा करने पर ना सिर्फ उन जरुरतमंद लोगों को थोड़ा सहारा मिलता है, बल्कि आप को भी मानसिक संतुष्टि का एहसास होता है, और आप अपने भीतर एक positive energy महसूस करने लगते हैं, जिससे कभी भी आपको stress या तनाव जैसी स्थति से नहीं गुजरना पड़ता है। 

  • योग और ध्यान करें :- आज दुनिया योग की ताकत को समझ चुकी है, आप भी योग की इस ताकत को अपने भीतर महसूस करने लगेंगे यदि आप प्रतिदिन थोड़ा समय योग को देते हैं। योग को स्ट्रेस या तनाव का एंटीडोट कहा जाता है, योग करने से आप शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होते हैं। योग में ऐसी कई तकनीकें हैं, जिन्हे जानने और करने के बाद आप अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकते हैं, थता अपनी सांसों पर काबू कर शरीर को आराम की स्तिथि में पहुंचा सकते हैं। योग के ही दूसरे हिस्से (meditation) ध्यान करने से आप अपनी एकग्रता (Concentration) को बढ़ा सकते हैं, ध्यान करने से आपके मन को आराम पहुँचता है, और आप अपने सांसों और विचारों को कंट्रोल कर पाते हैं, यानि ध्यान मानसिक प्रशिक्षण का एक बेहतरीन तरीका है। 

  • ना कहना भी सीखें :- कई बार ना कहना भी आपको कई मुसीबतों, झंझटो या तनाव से बचा लेता है, इसलिए ना कहना भी सीखें। कई लोग बिना सोचे-समझे दूसरों की समस्याओं या कार्यों को अपने सर उठा लेते हैं, भले ही वे खुद कई कार्यों में व्यस्त क्यों ना हों। ऐसा करने से ना तो आप अपना काम ही सही से पूरा कर पाते हैं, बल्कि अपने सर लिए दूसरों के कामों की भी चिंता आपको करनी पड़ती है, तो हमेसा ऐसी किसी भी स्थति से बचने की कोशिश करें। 

  • उन लोगों का साथ ना रखें जो नकारात्मक सोच रखते हैं :- आपके स्वभाव या जीवन में उन लोगों का भी प्रभाव पड़ता है, जिनके साथ आप अपना समय बिताते हैं। तो ऐसे किसी भी इंसान का साथ ना रखें जिनसे मिलने या जिनके साथ समय बिताने पर आपके भीतर नकारात्मक भावनाएं उत्पन्न होती हैं, बल्कि सकरात्मक सोच के लोगों का ही साथ रखें। एक पॉजिटिव विचार रखने वाला व्यक्ति आपकी कई परेशानियों में आपके लिए मददगार साबित हो सकता है, वहीँ नकारात्मक स्वभाव या सोच वाला व्यक्ति सिर्फ आपकी परेशानी बढ़ाने का काम करता है। 

  • वर्तमान में जिएं :- हमेशा वर्तमान में जीने की कोशिश करें, ना की उन पिछली बीती हुई घटनाओं को याद करें, जिन्हे सोचकर आपको कष्ट पहुँचता है। जो बीत गया है, उसके बारे में सोचकर कुछ भी हांसिल नहीं होने वाला, बल्कि पिछली गलत यादें आपको सिर्फ दुख और तनाव देती हैं। इसलिए वर्तमान में जिएं यह सोचें की आज आप क्या अच्छा कर सकते हैं, जिसे करने से आपको भविष्य बेहतर होगा। 

  • खुश रहें :- हँसता मुश्कुराता चेहरा हर किसी को अच्छा लगता है, और आपके भीतर भी सकरात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है, इसलिए हमेशा अपने चेहरे पर मुश्कुराहट बनाए रखें, और खुश रहने की कोशिश करें। यह आपसे बेहतर कोई नहीं जान सकता की आपको किन चीजों से ख़ुशी मिलती है, उन ख़ुशी के जरियों को पेहचाने और मस्त रहें। यदि एक बार आप खुद में खुश रहना सिख जाते हैं, तो आपको ख़ुशी प्राप्त करने के लिए किसी दूसरे में निर्भर नहीं रहना पड़ता है, जिसके बाद स्ट्रेस या तनाव के लिए आपके जीवन में कोई जगह नहीं बचती। 

निष्कर्ष (Stress se kaise bache)

दोस्तों आपने जाना तनाव मुक्त जीवन जीने का क्या तरीका है, या (Stress se kaise bache) इस पोस्ट में हमने stress-free जीवन जीने के कुछ जरुरी उपाय आपको बताए हैं, जिन्हे यदि आप अपने जीवन में अपनाते हैं, तो निश्चित ही स्ट्रेस या तनाव जैसी किसी भी स्तिथि से आपको नहीं गुजरना पड़ेगा। 

इस पोस्ट का निचोड़ यही निकलता है, की स्ट्रेस या तनाव जैसे स्तिथि से बाहर निकलने के लिए आपको खुद को प्रयास करने होंगे, ना की कोई दूसरा आकर आपको इस स्तिथि से बाहर निकालेगा। यदि ऊपर बताए गए इन छोटे-छोटे बदलावों को आप जीवन में अपनाते हैं, तो पाएंगे की धीरे-धीरे आप एक बेहतर जीवन जीने लगें हैं। 

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